रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व सचिव व रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं। सभी को रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ CBI ने 14 दिन की रिमांड की मांग की है।
आरोप है कि आरती वासनिक ने प्रश्न पत्र लीक कर घोटाले को अंजाम दिया। इससे पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, लेकिन इस बार नए सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
इस मामले में अब तक कुल 12 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले CBI ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, बिजनेसमैन श्रवण गोयल, और कई चयनित अफसरों को भी हिरासत में लिया था।
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गौरतलब है कि 2020 से 2022 के बीच हुई परीक्षाओं में राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख का इस्तेमाल कर डिप्टी कलेक्टर, DSP और अन्य पदों पर चहेते उम्मीदवारों को चयनित कराने का आरोप है। CBI जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए हैं।













