CG NEWS: FIR दर्ज करने के लिए टीआई ने वसूले 30 हजार, आरोपी से भी 20 हजार लेकर छोड़ा, एसएसपी ने की बड़ी कार्रवाई

Sanjay Sahu
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CG NEWS: बिलासपुर। जिले में एसएसपी रजनेश सिंह की सख्ती के बावजूद कुछ थानेदार अपने पुराने ढर्रे पर कायम हैं। ताजा मामला तखतपुर थाने का है, जहां के थाना प्रभारी अनिल अग्रवाल पर एक महिला से एफआईआर दर्ज करने के नाम पर 30 हजार रुपए लेने और फिर आरोपी से मुचलका देने के एवज में 20 हजार रुपए वसूलने का आरोप लगा है।

CG NEWS: तखतपुर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने छेड़छाड़ और लूटपाट की शिकायत की थी। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे, तो टीआई अनिल अग्रवाल ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद महिला ने एक युवक के माध्यम से संपर्क किया, तो बताया गया कि केस दर्ज कराने के लिए 30 हजार रुपए देने होंगे। एडवांस में 10 हजार दिए गए, बाकी रकम एफआईआर दर्ज होने के बाद दी गई।

 

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CG NEWS: हालांकि, एफआईआर में सिर्फ छेड़छाड़ की धारा लगाई गई, लूटपाट की धारा नहीं जोड़ी गई। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे मुचलके पर छोड़ने के लिए टीआई ने उससे भी 20 हजार रुपए ले लिए। जब इस पूरे मामले की जानकारी पीड़िता और उसके पति को हुई, तो वे सीधे एसपी ऑफिस पहुंच गए और शिकायत दर्ज कराई।

CG NEWS: एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर टीआई अनिल अग्रवाल को लाइन अटैच कर दिया गया। साथ ही, एसएसपी ने उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि महिला को तत्काल उसकी राशि लौटाई जाए। दबाव में आकर टीआई ने महिला को पैसे वापस कर दिए।

CG NEWS: महिला का आरोप है कि आरोपी से पैसे लेकर उसे बिना उचित कार्रवाई के छोड़ दिया गया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

CG NEWS: अनिल अग्रवाल पर पहले भी लगे हैं आरोप

CG NEWS: अनिल अग्रवाल पहले सिविल लाइन थाने में एसआई के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान उन पर मिट्टी तेल चोरी करने वालों को पकड़कर छोड़ने के आरोप लगे थे, जिस पर विभागीय जांच भी चली थी। इसके बाद उनका जिले से ट्रांसफर कर दिया गया था। निरीक्षक बनने के बाद उनकी पोस्टिंग दोबारा जिले में हुई और उन्हें बेलगहना चौकी और कोटा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कोटा थाने में भी उन पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जिसके चलते एसएसपी ने उन्हें वहां से हटा दिया था। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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