Monday, February 16, 2026
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CG NEWS : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CAF जवान को रेप के मामले में बरी किया, कहा-यह जबरन नहीं, आपसी सहमति से बना संबंध था

CG NEWS : बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में दुष्कर्म के आरोप में 10 साल की सजा पा चुके CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) के जवान रूपेश कुमार पुरी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला प्रेम संबंध का है, न कि झूठे वादे पर बनाए गए संबंध का। अदालत ने माना कि पीड़िता बालिग थी और उसने अपनी इच्छा से आरोपी के साथ समय बिताया। इसलिए यह दुष्कर्म का मामला नहीं बनता।

 

 

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CG NEWS : क्या था मामला

CG NEWS : बस्तर निवासी रूपेश कुमार पुरी के खिलाफ 2020 में एक युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि शादी का झांसा देकर जवान ने 27 जून 2020 को उसे अपने घर बुलाया और दो महीने तक संबंध बनाए, फिर शादी से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने रूपेश के खिलाफ धारा 376(2)(एन) के तहत केस दर्ज किया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट, जगदलपुर ने 2022 में उसे 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया था।

CG NEWS : बचाव पक्ष की दलील

CG NEWS : रूपेश ने हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दायर की। उसके वकील का कहना था कि दोनों एक-दूसरे को 2013 से जानते थे और लंबे समय से प्रेम संबंध में थे। युवती अपनी इच्छा से उसके घर गई थी, यह मामला जबरन संबंध का नहीं है। परिजनों के दबाव में बाद में शिकायत दर्ज कराई गई।

CG NEWS : पीड़िता का पक्ष

CG NEWS : पीड़िता के वकील ने कहा कि जवान ने शादी का झांसा देकर दो महीने तक युवती का यौन शोषण किया और फिर छोड़ दिया।

CG NEWS : हाईकोर्ट का अवलोकन

CG NEWS : हाईकोर्ट ने गवाहों और सबूतों की जांच के बाद पाया कि दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध थे।

युवती ने स्वीकार किया कि उसने फेसबुक पर पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी।
उसने कहा कि अगर आरोपी के माता-पिता उसके साथ अच्छा व्यवहार करते, तो वह रिपोर्ट नहीं करती।
मेडिकल और FSL रिपोर्ट में भी दुष्कर्म के ठोस प्रमाण नहीं मिले।

CG NEWS : अदालत ने कहा कि युवती खुद आरोपी के घर गई, उसके साथ रही और बार-बार संबंध बनाए। इसलिए इसे जबरन संबंध नहीं कहा जा सकता। न्यायमूर्ति चंद्रवंशी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि केवल शादी का वादा कर बनाए गए संबंध को तब तक रेप नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो जाए कि आरोपी का शुरू से शादी करने का इरादा नहीं था।इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए जवान रूपेश कुमार पुरी को बरी कर दिया।

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