Monday, February 16, 2026
28.1 C
Raipur

CG NEWS : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: मारपीट-लूट मामले में 5 आरोपियों की FIR रद्द

CG NEWS : बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मारपीट और लूट के एक मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि आरोपों में प्रथम दृष्टया अपराध के आवश्यक तत्व परिलक्षित नहीं होते और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने पारित किया।

CG NEWS : क्या था मामला?

CG NEWS : सुमन यादव, इंदु चंद्रा, नंद राठौर, मोहम्मद इस्लाम और राहुल जायसवाल के खिलाफ 7 सितंबर 2024 को थाना सिरगिट्टी में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर की रात तिफरा स्थित ग्रामीण बैंक के पास आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट कर सोने की चेन छीन ली। इस आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 115(2), 296, 3(5) और 304(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया।

CG NEWS : याचिकाकर्ताओं की दलील

CG NEWS : आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि एफआईआर दर्ज करने में लगभग 13 घंटे की देरी हुई, जिससे संदेह पैदा होता है। उनका दावा था कि घटना से पहले उन्होंने 112 नंबर पर सूचना दी थी और अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज उनके पक्ष में होने की बात कही गई। उन्होंने एफआईआर को प्रतिशोध में दर्ज ‘काउंटर ब्लास्ट’ बताया।

CG NEWS : राज्य का पक्ष

CG NEWS : राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि एफआईआर में संज्ञेय अपराध बनता है, जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चुका है। इसलिए एफआईआर रद्द करने का कोई आधार नहीं है।

CG NEWS : हाईकोर्ट का निर्णय

CG NEWS : अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि यदि एफआईआर के आरोपों को पूरी तरह स्वीकार भी कर लिया जाए, तब भी अपराध के आवश्यक तत्व सिद्ध नहीं होते। साथ ही, एफआईआर में देरी, आरोपियों की पूर्व शिकायतें और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह उत्पन्न करती हैं।

CG NEWS : इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि आपराधिक कार्यवाही जारी रखना न्याय के उद्देश्य के अनुरूप नहीं होगा। परिणामस्वरूप, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 624/2024 को सभी पांचों याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध पूरी तरह निरस्त (क्वैश) कर दिया गया।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

Related Articles

Popular Categories

This will close in 0 seconds