Sunday, August 30, 2026
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C.G News: रायपुर धान खरीदी केंद्रों में 6590 क्विंटल धान गायब! 3 समितियों पर FIR से मचा हड़कंप

Raipur Paddy Shortage Case: रायपुर धान शॉर्टेज मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान जिले की 12 समितियों में कुल 6590 क्विंटल धान की कमी पाए जाने के बाद प्रशासनिक और सहकारी विभाग में हलचल तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट ने धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

रायपुर धान शॉर्टेज मामला तब सामने आया जब धान खरीदी केंद्रों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज धान और वास्तविक भंडारण में बड़ा अंतर मिला। अधिकारियों के अनुसार कुछ समितियों में 229 क्विंटल से लेकर 855 क्विंटल तक धान की कमी दर्ज की गई है।

12 समितियों में मिली धान की कमी
रायपुर धान शॉर्टेज मामला केवल एक या दो केंद्रों तक सीमित नहीं है। जांच में जिले की 12 अलग-अलग समितियों में धान शॉर्टेज सामने आया है। इससे खरीदी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था और रिकॉर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

भौतिक सत्यापन ने खोली अनियमितताओं की परत
रायपुर धान शॉर्टेज मामला में भौतिक सत्यापन सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। जांच टीम ने जब वास्तविक स्टॉक की गिनती की तो कई स्थानों पर रिकॉर्ड और वास्तविकता में बड़ा अंतर पाया गया। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं धान की हेराफेरी या रिकॉर्ड में गड़बड़ी तो नहीं हुई।
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तीन समितियों पर FIR दर्ज
रायपुर धान शॉर्टेज मामला की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब तक तीन समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अन्य समितियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
रायपुर धान शॉर्टेज मामला में संबंधित कर्मचारियों, प्रबंधकों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने जिन समितियों में अनियमितता पाई गई है, वहां जवाब-तलब शुरू कर दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

किसानों की चिंता बढ़ी
रायपुर धान शॉर्टेज मामला का असर किसानों के भरोसे पर भी पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था लाखों किसानों की आय से जुड़ी हुई है। ऐसे में स्टॉक में बड़ी कमी सामने आने से किसानों के बीच भी चिंता का माहौल है।

क्या सामने आएगा बड़ा घोटाला?
रायपुर धान शॉर्टेज मामला में प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह केवल लापरवाही का परिणाम है या इसके पीछे किसी संगठित आर्थिक अनियमितता की भूमिका है। फर्जी रिकॉर्ड, स्टॉक में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों के एंगल पर भी जांच की जा रही है।

जांच का दायरा बढ़ सकता है
रायपुर धान शॉर्टेज मामला में आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आर्थिक अपराध शाखा और अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है।

सरकार पर बढ़ा निगरानी मजबूत करने का दबाव
रायपुर धान शॉर्टेज मामला सामने आने के बाद सरकारी खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और किसान संगठनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था की मांग की है।

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