निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम तय कर दिया है। इस अभियान के तहत जिला स्तर के अधिकारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया और तकनीकी सिस्टम की जानकारी दी जाएगी।
12 और 16 मार्च को होगा जिला स्तरीय प्रशिक्षण
जनगणना की तैयारियों के तहत भोपाल में 12 मार्च और 16 मार्च को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में जिला चार्ज स्तरीय अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, ताकि आने वाले सर्वे कार्य को प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।
मई 2026 में होगा मकान सूचीकरण और गणना
जनगणना की प्रक्रिया के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। मध्य प्रदेश में यह कार्य 1 मई से 30 मई 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।
इस दौरान घर-घर जाकर मकानों की संख्या, उनकी स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। यह डेटा आगे चलकर जनगणना 2027 के मुख्य सर्वे के लिए आधार तैयार करेगा।
CMMS पोर्टल पर दिया जाएगा तकनीकी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को जिला जनगणना पुस्तिका के माध्यम से प्रक्रियात्मक जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें CMMS (Census Management and Monitoring System) पोर्टल पर Hands-on अभ्यास भी कराया जाएगा।
इस तकनीकी प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को डिजिटल प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाना है, ताकि डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग का काम अधिक पारदर्शी और सटीक तरीके से किया जा सके।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग करने जा रही है। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
प्रशासन का मानना है कि समय से पहले अधिकारियों को प्रशिक्षित करने से जनगणना 2027 का कार्य व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।











