नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट भाषण खत्म होते ही आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ेगा। बजट 2026-27 में सरकार ने एक तरफ जहां आम जनता को राहत देने की कोशिश की है, वहीं कुछ उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर सामाजिक संदेश भी दिया है।
सिगरेट और तंबाकू पर महंगाई की मार
इस बजट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को महंगा कर दिया गया है। सरकार ने इन पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है।अब सिगरेट पर 40% GST के साथ अतिरिक्त सेस और एक्साइज शुल्क लगेगा। इसके अलावा प्रति स्टिक शुल्क भी लागू किया गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि धूम्रपान करने वालों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ राजस्व बढ़ेगा बल्कि स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।
शराब और स्क्रैप पर बढ़ा TCS
शराब उपभोक्ताओं के लिए भी यह बजट झटका लेकर आया है। शराब स्क्रैप और खनिजों की बिक्री पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर 1% से बढ़ाकर 2% कर दी गई है।इससे शराब और संबंधित उत्पादों की कीमतों में आगे चलकर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
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विदेश यात्रा और पढ़ाई हुई सस्ती
जहां कुछ चीजें महंगी हुई हैं, वहीं आम लोगों के लिए बड़ी राहत भी दी गई है।सरकार ने विदेश यात्रा पैकेज, शिक्षा और चिकित्सा के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS दर घटाकर सिर्फ 2% कर दी है, जो पहले 5% से 20% तक थी।
इस फैसले से विदेश घूमने वालों, बच्चों को बाहर पढ़ाने वाले अभिभावकों और इलाज के लिए विदेश जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
दवाइयां होंगी सस्ती
बजट 2026 में 17 एंटी-कैंसर दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी गई है।
इससे गंभीर बीमारियों का इलाज सस्ता होगा और मरीजों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
राहत और जिम्मेदारी का संतुलन
कुल मिलाकर बजट 2026 में सरकार ने स्वास्थ्य और आम जरूरतों को सस्ता रखने की कोशिश की है, जबकि सिगरेट, तंबाकू और शराब जैसे उत्पादों को महंगा कर स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया है।









