Sacred Buddha Relics Mongolia: राजू बैरागी \सांची: रायसेन भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हन्त महामोगल्यान के पवित्र अवशेष (अस्थियां) अब मंगोलिया में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखे जाएंगे। भारत सरकार द्वारा सांची स्थित बौद्ध स्तूप परिसर में सुरक्षित रखे गए इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया ले जाने की अनुमति प्रदान की गई है।
Sacred Buddha Relics Mongolia:भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार बुधवार को सांची स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में विशेष धार्मिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधियों को सौंपा गया।
Sacred Buddha Relics Mongolia:इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए पवित्र अवशेष संस्कृति विभाग के निदेशक यश सक्सेना को सौंपे।
Sacred Buddha Relics Mongolia:पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक परंपराओं और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। पवित्र अवशेषों को सबसे पहले चैतियगिरी विहार मंदिर के तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बाहर लाया गया। इसके बाद मंदिर परिसर में दोबारा पूजा-अर्चना की गई।
Sacred Buddha Relics Mongolia:जब पवित्र अवशेषों को मंदिर से बाहर लाया गया, तब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान बौद्ध श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने श्रद्धा एवं सम्मान के साथ दर्शन किए।
Sacred Buddha Relics Mongolia:जानकारी के अनुसार, पवित्र अवशेषों को भोपाल से हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली ले जाया जाएगा। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 मई को इन्हें मंगोलिया रवाना किया जाएगा।
Sacred Buddha Relics Mongolia:मंगोलिया में इन पवित्र अवशेषों को गंडन तेगचेनलिंग मठ में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जाएगा। वहां हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे।
Sacred Buddha Relics Mongolia:निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पवित्र अवशेष 10 जून को वापस दिल्ली लाए जाएंगे और 11 जून को पुनः सांची स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में यथास्थान सुरक्षित रख दिए जाएंगे।
Sacred Buddha Relics Mongolia:पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई तथा विधिवत पंचनामा तैयार किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
Sacred Buddha Relics Mongolia:यह अवसर न केवल भारत बल्कि विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सांची से मंगोलिया तक भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों का यह आध्यात्मिक सफर भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों को भी मजबूत करेगा।









