Border Trade : ट्रंप के टैरिफ पर भारत-चीन की साझी चाल, 5 साल बाद LAC पर फिर बजेगा कारोबार का बिगुल

VIKASH KHALKHO

Border Trade : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया भर के देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के बीच भारत और चीन एक साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। पांच साल से ठप पड़ा बॉर्डर ट्रेड (सीमा व्यापार) फिर से शुरू होने की संभावना बन गई है।

Read More : रेलवे का स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी तोहफ़ा : 14 से 18 अगस्त तक रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश स्थानीय उत्पादों के आदान-प्रदान के लिए सीमा पर तय व्यापारिक प्वाइंट्स को दोबारा खोलने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि बीजिंग इस मसले पर भारत के साथ संवाद और समन्वय बढ़ाने को तैयार है। मंत्रालय ने कहा — “सीमा व्यापार लंबे समय से दोनों देशों के सीमावर्ती निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता रहा है।” वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

Read More : रेलवे का स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी तोहफ़ा : 14 से 18 अगस्त तक रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

भारत और चीन के बीच किन चीजों का होता रहा है व्यापार?

करीब तीन दशकों तक भारत और चीन के बीच मसाले, कालीन, लकड़ी का फर्नीचर, मवेशियों का चारा, मिट्टी के बर्तन, औषधीय पौधे, इलेक्ट्रिक सामान और ऊन जैसे स्थानीय उत्पादों का आदान-प्रदान होता रहा। यह कारोबार तीन तय प्वाइंट्स से 3,488 किलोमीटर लंबी विवादित हिमालयी सीमा के जरिए होता था।

2017-18 में इस व्यापार का मूल्य महज 3.16 मिलियन डॉलर था। इसके बाद कोविड-19 महामारी के दौरान यह पूरी तरह बंद हो गया। इसी समय गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प ने रिश्तों को ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा दिया था, जिसमें भारत के 20 जवान और चीन के कम से कम 4 सैनिक मारे गए थे।

Read More : रेलवे का स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी तोहफ़ा : 14 से 18 अगस्त तक रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

अब पिघल रही है रिश्तों पर जमी बर्फ

संकेत मिल रहे हैं कि रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। बीते साल दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले महीने भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानें भी फिर शुरू हो सकती हैं। इसके साथ ही बीजिंग ने भारत के लिए कुछ उर्वरक निर्यात पर लगी पाबंदियां भी हटा दी हैं।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त में सात साल बाद पहली बार चीन जा सकते हैं। वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में शामिल होंगे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं।

Read More : रेलवे का स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी तोहफ़ा : 14 से 18 अगस्त तक रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा व्यापार की बहाली केवल आर्थिक पहल नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। यह दिखाता है कि भारत और चीन आपसी मतभेदों के बावजूद सहयोग के रास्ते तलाश रहे हैं। हालांकि, असली चुनौती यह होगी कि क्या यह पहल दोनों देशों के रिश्तों में स्थायी सुधार का रास्ता खोल पाएगी या नहीं।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *