बिलासपुर : बिलासपुर शहर और उसके आसपास के इलाकों में इन दिनों चोर गिरोहों की सक्रियता ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते महज 10 दिनों के भीतर सिविल लाइन, सरकंडा, सकरी, सिरगिट्टी और आउटर क्षेत्रों में डेढ़ दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही इन वारदातों से नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
संगठित गिरोहों पर गहराया शक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे स्थानीय नहीं बल्कि दूसरे जिलों और राज्यों से आए संगठित चोर गिरोहों की भूमिका मानी जा रही है। ये गिरोह पहले इलाके की रेकी करते हैं और फिर सुनसान मकानों, दुकानों, संस्थानों और क्वार्टरों को निशाना बनाते हैं। कई मामलों में चोर सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुए हैं, लेकिन अब तक बड़े और संगठित गिरोहों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
Read More : छत्तीसगढ़ में घर बैठे होगी राशन कार्ड की e-KYC, आप को भी मिलेगा लाभ, जानें पूरा प्रोसेस
संदिग्ध आवाजाही बनी चिंता का कारण
शहर और आउटर क्षेत्रों में इन दिनों अनजान फेरीवाले, दुकानदार, भिक्षावृत्ति करने वाले और घुमंतू लोग बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो इनका सत्यापन किया जा रहा है और न ही मुसाफिरी दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कॉलोनियों, गलियों और चौक-चौराहों में संदिग्ध आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
पिछले 10 दिनों में हुई प्रमुख चोरी की घटनाएं
सरकंडा में सूने किराये के मकान से नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की चोरी, सकरी क्षेत्र में शिक्षक और मजदूर के घरों को निशाना बनाया गया।
सिविल लाइन इलाके में ज्वेलरी शॉप से करीब 3.75 लाख रुपये के जेवर चोरी हुए, वहीं कपड़ा और इलेक्ट्रिकल दुकानों से भी हजारों की नकदी पार कर दी गई।
सिरगिट्टी में एटीएम मशीन से छेड़छाड़ कर चोरी का प्रयास किया गया, जिससे मशीन ठप हो गई।
हाईकोर्ट आवासीय परिसर में भी तीन घरों में सिलसिलेवार चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
पुलिस का दावा, कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाहरी लोगों की जांच की जा रही है और गुंडे-बदमाशों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। कई चोरी के मामलों का खुलासा किया जा चुका है, जबकि कुछ केस अभी लंबित हैं, जिन्हें जल्द सुलझाने का दावा पुलिस कर रही है।













