Friday, August 21, 2026
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सेक्स सीडी कांड: फिर बढ़ीं भूपेश बघेल की कानूनी मुश्किलें, सेशन कोर्ट ने शुरू किया केस

Bhupesh Baghel
Bhupesh Baghel

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। मार्च 2025 में जहां CBI की विशेष अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था, वहीं अब सेशन कोर्ट के नए फैसले ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। सेशन कोर्ट ने CBI द्वारा दाखिल रिव्यू पिटीशन को स्वीकार करते हुए भूपेश बघेल के खिलाफ दोबारा मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।

CBI की रिव्यू पिटीशन को मिली मंजूरी

शनिवार को सेशन कोर्ट ने CBI की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें विशेष अदालत के फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी। कोर्ट ने माना कि मामले में आगे सुनवाई का आधार बनता है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

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अन्य आरोपियों को भी नहीं मिली राहत

इस केस में आरोपी कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को मुकदमे से मुक्त करने के लिए आवेदन दिया था। उन्होंने भूपेश बघेल को मिली राहत को आधार बनाया, लेकिन सेशन कोर्ट ने उनके आवेदन खारिज कर दिए। इस मामले में भूपेश बघेल के अलावा विजय भाटिया और विजय पांड्या भी आरोपी हैं।

CBI विशेष अदालत ने पहले किया था बरी

गौरतलब है कि 4 मार्च 2025 को CBI की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। इस फैसले की जानकारी खुद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की थी।

क्या है छत्तीसगढ़ सेक्स सीडी कांड?

सेक्स सीडी कांड अक्टूबर 2017 में सामने आया था। कथित तौर पर यह सीडी तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी बताई गई थी। रायपुर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ। उसी रात दिल्ली में छापा मारकर एक कॉपी सेंटर से आपत्तिजनक सीडी जब्त की गई।

28 अक्टूबर 2017 को विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया और बाद में जांच CBI को सौंपी गई। जांच के दौरान 6 जून को आरोपी रिंकू खनूजा ने आत्महत्या कर ली। 25 सितंबर 2018 को भूपेश बघेल की गिरफ्तारी हुई और उन पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

सेशन कोर्ट के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पक्षों की निगाहें अब आने वाली अदालती कार्रवाई पर टिकी हैं।

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