Tikamgarh News: टीकमगढ़। जिले की पलेरा तहसील अंतर्गत बराना ग्राम पंचायत में गौचर भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत का आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकारी चरागाह भूमि पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। इसके चलते गांव के मवेशियों के लिए चरने की जगह खत्म होती जा रही है और वे सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
गौचर भूमि पर कब्जे का आरोप
Tikamgarh News: ग्रामीणों के अनुसार, बराना गांव की शासकीय गौचर भूमि खसरा क्रमांक 649/7, रकबा 12.456 हेक्टेयर पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें की जा रही हैं। आरोप है कि दबंगों ने इस भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर जुताई कर दी और अब वहां बुवाई भी शुरू कर दी है। इससे गांव के पशुपालकों के सामने चारे और चराई की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
आठ वर्षों से जारी है शिकायतों का सिलसिला
Tikamgarh News: ग्राम सरपंच का कहना है कि पिछले करीब आठ वर्षों से गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार पलेरा, एसडीएम जतारा सहित जिला और प्रदेश स्तर तक ऑनलाइन शिकायतें भी भेजी गईं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।उनका आरोप है कि प्रशासन ने कुछ मौकों पर औपचारिक कार्रवाई तो की, लेकिन उसके बाद कथित अतिक्रमणकारियों ने दोबारा जमीन पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
Tikamgarh News: मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब गौचर भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई और बुवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
Tikamgarh News: ग्राम सरपंच ने आरोप लगाया कि कुछ उच्च और स्थानीय स्तर के अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो आज गौचर भूमि पर खेती नहीं हो रही होती।
आंदोलन की चेतावनी
Tikamgarh News: ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गौचर भूमि को जल्द अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि गौचर भूमि पर अवैध कब्जा हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि वह शिकायतों और वायरल वीडियो के आधार पर क्या कदम उठाता है और क्या गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सकेगा।







