MP Politics: भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री प्रहलाद पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हालिया बयानों पर निशाना साधते हुए उन पर तीखा राजनीतिक तंज कसा। अयोध्या राम मंदिर की मूर्ति और मंदिरों के चंदे को लेकर दिए गए बयानों के संदर्भ में मंत्री पटेल ने कहा कि धार्मिक विषयों पर टिप्पणी करने से पहले व्यापक विमर्श होना चाहिए और शास्त्रार्थ एकतरफा नहीं होता।
राम मंदिर की मूर्ति को लेकर दिया जवाब
MP Politics: मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यदि किसी को यह लगता है कि भगवान श्रीराम की मूर्ति केवल सफेद संगमरमर की ही होनी चाहिए और काले पत्थर की मूर्ति होना किसी प्रकार का श्राप है, तो उन्हें पहले इस विषय पर अन्य लोगों से भी चर्चा करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर बोलते समय स्पष्टता जरूरी है।शास्त्रार्थ कभी भी एकतरफा नहीं होता। यदि शास्त्र की बात करनी है तो शास्त्र की भाषा बोलिए, और यदि राजनीति करनी है तो राजनीतिक भाषा बोलिए।
‘चतुर्मास करने’ की दी सलाह
MP Politics: दिग्विजय सिंह पर कटाक्ष करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि देवशयनी एकादशी के साथ चतुर्मास प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में उन्हें एक स्थान पर शांतिपूर्वक रहकर चतुर्मास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि चतुर्मास आत्मचिंतन, अध्ययन और ज्ञान-विमर्श का समय होता है।”चतुर्मास में ज्ञान का आदान-प्रदान होता है। उसके बाद उनसे चर्चा करने का असली आनंद आएगा।”
MP Politics: महाकाल मंदिर के चंदे वाले बयान पर भी प्रतिक्रियामहाकाल मंदिर के चंदे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गेस्ट हाउस बनाए जाने संबंधी आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री प्रहलाद पटेल ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि—”उन्हें खुद भी नहीं पता होता कि वे कब और क्या बोल देते हैं।”मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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