भोपाल : स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद भोपाल की मतदाता सूची की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। प्रारंभिक सर्वेक्षण, दावे-आपत्तियों की सुनवाई और रिकॉर्ड सत्यापन के बाद शहर की वोटर लिस्ट से 3 लाख 80 हजार 357 नाम कम होने की स्थिति बनी है।
किन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कटौती
सबसे ज्यादा असर गोविंदपुरा विधानसभा में देखा गया, जहां करीब 81,143 मतदाताओं के नाम सूची से हटे। इसके बाद नरेला विधानसभा में 70,917 नाम कम हुए।
अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में नाम कटे—
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भोपाल मध्य: 62,960
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भोपाल दक्षिण-पश्चिम: 61,515
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हुजूर: 50,838
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भोपाल उत्तर: 44,094
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बैरसिया: 8,889 (सबसे कम)
21 फरवरी को आएगी अंतिम सूची
23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित हुई थी। इसके बाद 22 जनवरी तक बूथ लेवल अधिकारियों ने फॉर्म-6, 7 और 8 के जरिए दावे-आपत्तियां लीं। ‘नो मैपिंग’ श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस देकर 50 दिनों में रिकॉर्ड जांचा गया। यह प्रक्रिया 14 फरवरी तक पूरी हो चुकी है और 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
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कुल मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट
27 अक्टूबर 2025 तक भोपाल में 21,25,908 मतदाता दर्ज थे, जो 14 फरवरी तक घटकर 17,45,552 रह गए। यानी कुल मिलाकर 3.80 लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो गए।
थर्ड जेंडर मतदाताओं पर भी असर
SIR प्रक्रिया का प्रभाव थर्ड जेंडर मतदाताओं पर भी पड़ा है। पहले शहर में 166 थर्ड जेंडर वोटर दर्ज थे, जो अब घटकर 72 रह गए। अकेले भोपाल मध्य में यह संख्या 104 से घटकर 35 हो गई।













