भोपाल: भोपाल में शिक्षकों के समयमान वेतनमान से जुड़े लंबित प्रकरणों के निपटारे और परीक्षा सुरक्षा में सुधार के लिए दो अहम कदम उठाए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल ने संबंधित आदेश जारी कर दोनों मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।
समयमान वेतनमान के लंबित प्रकरणों का निपटारा
शिक्षकों के समयमान वेतनमान से जुड़े लंबित मामलों को हल करने के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति के गठन के बाद सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पात्र शिक्षकों को समय पर लाभ दिया जाएगा।
समिति की कार्यवाही में पात्रता की जांच निर्धारित सेवा अवधि, पदस्थापना और अन्य शर्तों के आधार पर की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी योग्य शिक्षक को समयमान वेतनमान का लाभ छूट न पाए।
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परीक्षा सुरक्षा और नकल पर कड़ी कार्रवाई
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नकल पर नियंत्रण और प्रश्न पत्र लीक होने से बचाव के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। अब जिनके बच्चे 10वीं या 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं, उन्हें केंद्राध्यक्ष या पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही, सभी केंद्र अध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्षों का चयन रेंडम पद्धति से किया जाएगा। यह व्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी।
गंभीर बीमारी वाले शिक्षक परीक्षा कार्य में नहीं लगाए जाएंगे
मंडल ने यह भी निर्देश दिया है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक परीक्षा कार्य में शामिल नहीं होंगे। इससे स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए शिक्षकों और छात्रों दोनों की भलाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा
ये आदेश शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल शिक्षकों के समयमान वेतनमान का लाभ समय पर मिलेगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में ईमानदारी और सुरक्षा भी बढ़ेगी।











