Tuesday, August 18, 2026
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बढ़ते खर्चों से टेंशन में मोहन सरकार! 31 मार्च तक मंत्रियों-अधिकारियों की नई गाड़ियों और दफ्तरों की खरीदी पर लगा ब्रेक

CM Mohan Yadav
CM Mohan Yadav

भोपाल: भोपाल नगर निगम ने अपने प्रशासनिक वाहनों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। निगम आयुक्त ने आदेश जारी कर वाहनों को मिलने वाले ईंधन की मात्रा को घटा दिया है। इसके तहत पहले हर माह 250 लीटर ईंधन मिलने वाली बोलेरो, जीप और पिकअप वाहनों को अब केवल 120 लीटर ईंधन दिया जाएगा।

निगम आयुक्त का आदेश और ईंधन कटौती

नगर निगम के अधिकारीयों ने बताया कि यह कदम प्रशासनिक वाहनों के निजी उपयोग और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मैदानी अमले में शामिल वाहन निजी कामों में भी इस्तेमाल किए जा रहे थे।

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आदेश के तहत अब सभी वाहन चालक अपने वाहन की ईंधन खपत का रिकॉर्ड रखें और इंडेंट बुक का ऑडिट नियमित रूप से होगा। साथ ही, वाहन के साथ जुड़े बुक और सत्यापन दस्तावेजों का परीक्षण भी किया जाएगा।

ईंधन की नई व्यवस्था

पहले निगम के वाहनों को हर माह 250 लीटर ईंधन मिलता था। इस आदेश के बाद यह मात्रा घटाकर 60 से 130 लीटर कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी, बल्कि निगम के वित्तीय संसाधनों की बचत भी होगी।

निगम की सतर्कता और पारदर्शिता

नगर निगम का कहना है कि इस कदम से सभी वाहन चालक अपने काम के दौरान ईंधन का सही उपयोग सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा यह निगम प्रशासन की पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भविष्य की योजना

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भविष्य में भी वाहनों की ईंधन खपत और उपयोग की निगरानी नियमित रूप से की जाएगी। इसके लिए ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।

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