Summer Camp MP 2026: एमपी में ‘प्रथम’ एजुकेशन और महिला बाल विकास की अनूठी पहल: 80 हजार बच्चों को स्कूल के लिए तैयार कर रहा ‘समर कैम्प 2026’

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Summer Camp MP 2026: भोपाल। मध्य प्रदेश में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की नींव को चट्टान की तरह मजबूत बनाने की दिशा में वर्तमान में एक बेहद महत्वपूर्ण, दूरदर्शी और प्रेरणादायक शैक्षणिक आंदोलन चल रहा है। सूबे के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सुप्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था ‘प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में इस समय “समर कैम्प 2026 – स्कूल के लिए तैयारी” नामक एक अनूठा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय प्राथमिकता के विषय ‘स्कूल रेडीनेस’ को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह विशेष अभियान प्रदेश के चार प्रमुख जिलों— भोपाल, रायसेन, श्योपुर एवं टीकमगढ़ में पूरी ताकत के साथ जमीनी स्तर पर चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी शिक्षा तंत्र और आम जनता के बीच की दूरी कम हुई है।

5 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है यह अनूठा कार्यक्रम

इस समर कैम्प का मुख्य फोकस 5 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के उन बच्चों पर है, जो जल्द ही औपचारिक विद्यालयी शिक्षा (कक्षा पहली) में प्रवेश करने वाले हैं। अक्सर देखा जाता है कि आंगनवाड़ी से सीधे स्कूल जाने पर बच्चे नए माहौल में ढलने में असहज महसूस करते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए इस अभियान के तहत बच्चों को मानसिक और सामाजिक रूप से स्कूल के अनुकूल तैयार किया जा रहा है। इस अनूठी पहल की सबसे बड़ी यूएसपी (विशेषता) यह है कि इसमें केवल बच्चों को ही नहीं सिखाया जा रहा है, बल्कि उनके माता-पिता और पूरे परिवार को सीखने-सिखाने की इस जादुई प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाया गया है।

51 हजार अभिभावक बने ‘होम टीचर’, घर-घर पहुंच रहा है रोचक गतिविधि पैकेज

समुदाय और आंगनवाड़ी की अनूठी जुगलबंदी: वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, इस मुहिम से मध्य प्रदेश के चारों जिलों के लगभग 80 हजार बच्चे और 51 हजार से अधिक माता-पिता (अभिभावक) सीधे तौर पर जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा प्रतिदिन अभिभावकों के मोबाइल और जमीनी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बेहद सरल, स्थानीय सामग्री से तैयार और रोचक ‘गतिविधि पैकेज’ परिवारों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इन पैकेजों की मदद से माता-पिता अपने घरों में ही बच्चों को खेल-खेल में बुनियादी भाषा, व्यावहारिक गणित, सामाजिक-भावनात्मक समझ और शारीरिक विकास (मोटर स्किल्स) से जुड़े महत्वपूर्ण जीवन कौशल सिखा रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा कर रहा है यह मॉडल: सज्जन सिंह शेखावत

प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के मध्य प्रदेश राज्य प्रमुख श्री सज्जन सिंह शेखावत ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि आज के दौर में प्रारंभिक बाल शिक्षा और स्कूल रेडीनेस सिर्फ एक विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। यह कार्यक्रम परिवार, समुदाय और स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्रों के बीच एक बेहद प्रभावी और सफल साझेदारी का जीवंत उदाहरण पेश कर रहा है। इस पहल ने हजारों ग्रामीण और शहरी माताओं-पिताओं को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वे अपने बच्चों के पहले शिक्षक बनकर उनके भविष्य को संवारें। शिक्षाविदों का मानना है कि यदि यह मॉडल पूरे राज्य में लागू किया जाए, तो प्राथमिक शिक्षा के स्तर में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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