भोपाल : भोपाल में हाल ही में शुरू हुई मेट्रो सेवा को चार दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को अब तक किसी भी प्रकार का दुर्घटना बीमा कवच उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि रोजाना हजारों यात्री इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
चार दिनों में 13 हजार से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर
आंकड़ों के अनुसार, मेट्रो शुरू होने के चार दिनों में लगभग 13 हजार यात्रियों ने भोपाल मेट्रो में यात्रा की। रविवार को 6,668 यात्रियों, सोमवार को 2,896 यात्रियों, मंगलवार को 2,200 यात्रियों और बुधवार को 1,800 यात्रियों ने बिना किसी इंश्योरेंस कवर के सफर किया। यदि इस दौरान कोई हादसा या चोट होती है, तो यात्रियों को किसी भी प्रकार की वित्तीय सुरक्षा नहीं मिलेगी।
अन्य मेट्रो शहरों से पीछे भोपाल
देश की अन्य प्रमुख मेट्रो सेवाओं में यात्रियों को टिकट या स्मार्ट कार्ड के साथ दुर्घटना बीमा मिलता है।
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मुंबई मेट्रो में 2 से 5 लाख रुपये तक का बीमा
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दिल्ली मेट्रो में 1 लाख रुपये से अधिक का बीमा
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जयपुर मेट्रो में 1 से 2 लाख रुपये तक का बीमा
जबकि भोपाल मेट्रो में ऐसा कोई प्रावधान अब तक लागू नहीं किया गया है।
किराया अधिक, सुरक्षा कम
दिल्ली मेट्रो में 14 किलोमीटर की दूरी का किराया 43 रुपये है, जबकि भोपाल मेट्रो में मात्र 6.7 किलोमीटर के सफर के लिए 40 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसके बावजूद टिकट में दुर्घटना बीमा शामिल नहीं होना यात्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
मेट्रो प्रबंधन का तर्क
भोपाल मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा कवच यात्रियों के लिए एक बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।











