भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास, पंच वर्षीय योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विजन-2047 में आबादी के हिसाब से नगरों के विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इसी दिशा में प्रत्येक जिले में वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार कर समन्वय के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट वेंडर की पीएम स्वनिधि योजना और स्वच्छ वायु इंडेक्स में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जिनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बिल्डर्स द्वारा कॉलोनी डेवलपमेंट में ईडब्ल्यूएस आवास आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे शीघ्र निर्णय लेकर आवासों का शत-प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित करें।
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नगरीय क्षेत्रों में आधुनिक गीता भवन बनाने की योजना पर भी मुख्यमंत्री ने प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये भवन पारंपरिक धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य सामुदायिक सुविधाओं से लैस आधुनिक टाउन हॉल के रूप में तैयार किए जाएंगे। इसी तरह, चित्रकूट, ओंकारेश्वर और नर्मदा परिक्रमा मार्ग समेत अन्य धार्मिक स्थलों का समग्र विकास भी तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में कृषि, सिंचाई और रोजगार के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को भावंतर योजना का लाभ समय पर दिया जाए और जैविक तथा उद्यानिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। सिंचाई के रकबे को बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने और उद्योग, रोजगार और शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने पर भी विमर्श हुआ।
भू-अर्जन प्रक्रिया को सरल बनाने, तहसीलदारों की नियुक्ति और राजस्व कार्यों में दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में टीडीआर के तहत अधिग्रहित भूमि पर मुआवजा समय पर दिया जाए और यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित की जाए। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र को रोजगार, औद्योगिकीकरण और मेडिकल हब के रूप में विकसित करने के लिए कलेक्टर्स को योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास श्री संजय दुबे ने बताया कि वर्ष 2047 तक हर नागरिक को सर्वसुविधा युक्त पक्का आवास और मलिन बस्तियों से मुक्त शहर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन, अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा और ऊर्जा प्रबंधन में भी सुधार किए जा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में एयर क्वालिटी सुधार, पीएमएवाय और जल संवर्धन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलेक्टरों ने अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।









