इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई 17 लोगों की मौतों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर और संवेदनशील घटना को लेकर अब पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने की मांग की है।
₹2 लाख को बताया अपर्याप्त, ₹5 लाख मुआवजे की अपील
आकाश विजयवर्गीय ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आग्रह किया है कि प्रत्येक मृतक के परिजन को कम से कम 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि परिवारों को कुछ हद तक आर्थिक संबल मिल सके।
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जनस्वास्थ्य लापरवाही का गंभीर मामला
पूर्व विधायक ने पत्र में इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और जनस्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक बताया। उन्होंने कहा कि दूषित जल आपूर्ति जैसी घटनाएं सीधे नागरिकों की जान से जुड़ी होती हैं और इसमें किसी भी स्तर की कोताही स्वीकार्य नहीं है।
पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग
आकाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री से यह भी अपेक्षा जताई कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि मुआवजा केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पीड़ितों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक होना चाहिए।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
भागीरथपुरा हादसे को लेकर पहले ही प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अब यह देखना अहम होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस पत्र पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की घोषणा की जाती है।









