रायपुर : आज देशभर में बैंक कर्मचारी अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग—पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह—को लेकर हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों का कामकाज पूरी तरह ठप रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जिससे आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लगातार चार दिन बैंक बंद, ग्राहकों की बढ़ी मुश्किल
इस हड़ताल से पहले ही शनिवार, रविवार और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के कारण बैंक बंद थे। अब 27 जनवरी को हड़ताल होने से बैंक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। ऐसे में चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन और शाखा से जुड़े जरूरी काम अटक सकते हैं।
क्यों हो रही है बैंक यूनियनों की हड़ताल?
बैंक यूनियनों का कहना है कि वे बैंकिंग सेक्टर में पूरे पांच दिन का वर्किंग वीक लागू करने की मांग कर रहे हैं। अभी बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश होता है, जबकि यूनियन सभी शनिवार छुट्टी घोषित करने की मांग कर रही हैं।
यूनियन प्रतिनिधि वी.के. शर्मा के अनुसार, इस मुद्दे पर 2015 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और केंद्र सरकार के बीच सहमति बनी थी। यह प्रस्ताव 2023 में सरकार को भेजा गया, लेकिन अब तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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छत्तीसगढ़ में कौन-कौन से बैंक रहेंगे बंद?
हड़ताल के चलते छत्तीसगढ़ में प्रमुख सरकारी बैंक बंद रहेंगे, जिनमें शामिल हैं:
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
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पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
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बैंक ऑफ बड़ौदा
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बैंक ऑफ इंडिया
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केनरा बैंक
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इंडियन बैंक
किन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर?
हड़ताल के कारण इन सेवाओं पर असर पड़ सकता है:
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चेक क्लियरेंस
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नकद जमा और निकासी
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शाखा से जुड़ी ग्राहक सेवाएं
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लोन और दस्तावेज़ी कार्य
हालांकि राहत की बात यह है कि ATM, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की संभावना है।
सरकार और यूनियनों के बीच अब आगे क्या?
बैंक यूनियनों का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वहीं ग्राहक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार और बैंक प्रबंधन जल्द समाधान निकालें, ताकि बैंकिंग सेवाएं सामान्य हो सकें।









