Traffic Rules: अशोकनगर: मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों के दौरान कई बड़ी यात्री बस दुर्घटनाएं हुई हैं। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय भोपाल ने इन घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लिया है। आम जनता की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एक विशेष कदम उठाया है। विभाग ने 21 मई से 27 मई तक पूरे प्रदेश में लोक परिवहन बसों का एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया है। इसी कड़ी में अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सघन चेकिंग अभियान
पुलिस अधीक्षक ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही, जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने राजमाता चौराहे पर बसों का विशेष सघन निरीक्षण और भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया। पुलिस ने वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र, परमिट, फिटनेस और बीमा दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बैज भी देखे गए।
नियमों की अनदेखी पर जुर्माना
थाना प्रभारी यातायात मनीष सिंह चौहान, कोतवाली प्रभारी रविप्रताप सिंह चौहान और देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने पुलिस स्टाफ के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। जांच के दौरान कई बसों में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाई गई। इसके परिणामस्वरूप, संयुक्त टीम ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 40 बसों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चालानी कार्रवाई की। पुलिस ने उन बसों के खिलाफ भी तत्काल कठोर वैधानिक कदम उठाए, जिन्होंने इमरजेंसी गेट को बंद करके वहाँ अतिरिक्त सीटें लगा ली थीं।
सुरक्षा उपकरणों की जांच
जांच टीम ने बसों के भीतर आग बुझाने वाले यंत्र यानी फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता को भी परखा। इसके अलावा, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों पर भी शिकंजा कसा गया। पुलिस ने रात के समय सुरक्षित संचालन के लिए रिफ्लेक्टर और समुचित प्रकाश व्यवस्था की भी जांच की। यही कारण है कि जिले के अन्य थानों में भी पुलिस कप्तानों के आदेश पर लगातार चेकिंग की जा रही है।
बस संचालकों को हिदायत
यातायात विभाग ने जिले में संचालित सभी बस संचालकों और चालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। पुलिस ने इससे पहले सभी बस मालिकों को वाहनों में सुधार करने के लिए सूचना पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद, वाहन चेकिंग के दौरान कई कमियां पाई गईं। अंततः, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बस स्टाफ के भीतर यातायात नियमों के प्रति अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके।









