Anganwadi Workers Protest Chhattisgarh : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/रायपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) छत्तीसगढ़ ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। यूनियन की जिला अध्यक्ष मनोरंजनी टोप्पो के नेतृत्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आगामी विरोध प्रदर्शनों की विस्तृत रूपरेखा जारी की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार उनकी सेवाओं की लगातार अनदेखी कर रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बजट सत्र का विरोध और पत्र दहन आंदोलन के पहले चरण में 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बजट की प्रतियों को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बजट में उनके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं। इसके बाद, 12 फरवरी और 7 मार्च को एकदिवसीय जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें जिलेभर की हजारों कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल होंगी।
प्रमुख मांगें: वेतन वृद्धि और शासकीय दर्जा यूनियन की मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेड-3 और सहायिकाओं को ग्रेड-4 के शासकीय कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन और सेवानिवृत्ति के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग रखी है। इसके अलावा, आईसीडीएस (ICDS) के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने और मोबाइल एप व अन्य अतिरिक्त कार्यों के बोझ को समाप्त करने की भी मांग की गई है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला अध्यक्ष मनोरंजनी टोप्पो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषण मिटाने और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करती हैं, लेकिन उन्हें उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 मार्च तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल और राजधानी घेराव का रूप ले लेगा।













