रायपुर : छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने आखिरकार मंगलवार को सरेंडर कर दिया। कई दिनों से फरार चल रहे बघेल 5 दिसंबर को रायपुर स्थित देवेंद्र नगर थाने पहुंचे, जहाँ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ एक वकील भी मौजूद थे।
सिंधी समाज के आराध्य झूलेलाल और अग्रवाल समाज के ईष्ट देवता अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित बयान देने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने उनकी जानकारी देने पर 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
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26 दिनों से फरार, 12 राज्यों में केस दर्ज
अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार थे और उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज बताई जा रही है।वे अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जमानत की अर्जी देने थाने पहुँचे थे। सरेंडर करते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी, समर्थकों की भीड़
देवेंद्र नगर थाने के बाहर पुलिस का भारी बल तैनात था।जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के समर्थकों की बड़ी संख्या भी मौके पर पहुँची।बघेल के समर्थकों ने पुलिस पर माहौल बिगाड़ने और “अनावश्यक हंगामा” करने का आरोप लगाया।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला महामंत्री मनोज साहू ने कहा—
“जब सरेंडर वे खुद करने आए थे, तो पुलिस ने इतना हंगामा क्यों किया? राज शेखावत जैसे आरोपी खुले घूम रहे हैं, और अमित बघेल के खिलाफ जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है।” जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रवक्ता दीपक साहू ने भी जल्द रिहाई की मांग की, ताकि वे अपनी मां के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें।
विवाद की जड़—ईष्ट देव पर की गई टिप्पणियाँ
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद अमित बघेल मौके पर पहुँचे थे।इसके बाद उन्होंने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देव झूलेलाल पर टिप्पणी कर दी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
क्या था मूर्ति विवाद?
26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति क्षतिग्रस्त मिली।अगले दिन बघेल और उनके समर्थक मौके पर पहुँचे और प्रदर्शन किया।झड़प के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया।
देशभर में विरोध—दोनों समाजों का गुस्सा फूटा
अग्रवाल और सिंधी समाज ने देशभर में विरोध दर्ज किया।रायपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित कई जिलों में समुदायों ने प्रदर्शन कर FIR की मांग की।सिंधी समाज के नेताओं ने कोतवाली थाने में इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया।











