Al Falah University ED Action : नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल फला यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े अल फला चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने यूनिवर्सिटी की जमीन और भवनों सहित कुल 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच कर लिया है। इस मामले में ईडी ने ट्रस्ट के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी और ट्रस्ट को मुख्य आरोपी बनाते हुए चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
रेड फोर्ट ब्लास्ट केस से जुड़े तार: जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अल फला यूनिवर्सिटी का नाम सबसे पहले लाल किला ब्लास्ट केस (Red Fort Blast Case) की पड़ताल के दौरान एजेंसियों के रडार पर आया था। उसी इनपुट के आधार पर ईडी ने वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की, जिसमें बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध फंड्स के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं।
जांच के मुख्य बिंदु:
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फर्जीवाड़े का आरोप: यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर के तार 15 अलग-अलग कंपनियों से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिनमें से दो के खिलाफ पहले ही आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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वित्तीय अनियमितता: ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ट्रस्ट ने शिक्षा के नाम पर प्राप्त धन का दुरुपयोग किया और उसे संदिग्ध निवेशों में डाइवर्ट किया।
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क्राइम ब्रांच की दबिश: यूनिवर्सिटी पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच भी शिकंजा कस चुकी है और पहले ही दो एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।
संपत्तियों की कुर्की: ईडी ने अपनी जांच में पाया कि यूनिवर्सिटी परिसर की जमीन और उस पर निर्मित भवनों की वर्तमान बाजार कीमत करीब 140 करोड़ रुपये है। एजेंसी का मानना है कि यह संपत्ति “प्रोशीड्स ऑफ क्राइम” (अपराध की कमाई) से अर्जित की गई है, जिसके चलते इसे अटैच करने की कार्रवाई की गई है।











