Saunf Mandi Barwani Issues : बड़वानी | 29 मार्च 2026 बड़वानी के राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी इन दिनों बदहाली का शिकार है। यहाँ केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि धार, खरगोन, खंडवा, झाबुआ और आलीराजपुर जैसे सीमावर्ती जिलों से किसान बड़ी उम्मीदें लेकर पहुँचते हैं। मंडी में इन दिनों सौंफ और गेहूं की बंपर आवक शुरू हो गई है, लेकिन विडंबना देखिए कि करोड़ों का टर्नओवर देने वाली इस मंडी में किसानों के लिए पीने के ठंडे पानी तक का इंतजाम नहीं है। किसानों के लिए बनाई गई कई व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं।
सैकड़ों किसान शनिवार शाम से ही परिसर में डेरा डाल देते हैं ताकि अगले दिन उनकी उपज की बोली लग सके। नियमतः किसानों के लिए बना ‘कृषक विश्राम भवन’ आलीशान तो है, लेकिन अक्सर ताले में बंद रहता है। मजबूरन किसानों को खुले आसमान के नीचे तपती जमीन पर रात काटनी पड़ती है। भोजन और नाश्ते के लिए भी उन्हें एक किलोमीटर दूर शहर का रुख करना पड़ता है। गर्मी की दस्तक के बावजूद मंडी की टंकियों से उबलता हुआ गर्म पानी मिल रहा है, जिससे प्यास बुझाना भी दूभर हो गया है।
शौचालयों की स्थिति इतनी नारकीय है कि गंदगी के कारण किसान वहां कदम रखने से कतरा रहे हैं और खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। धार जिले के भमोरी से आए किसान जगदीश और टांडा के जितेंद्र का कहना है कि वे मीलों दूर से अपनी फसल लेकर यहाँ आते हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें मानवीय गरिमा के विरुद्ध स्थितियों में रहना पड़ रहा है। किसान करम सिंह ने भी मंडी की सफाई व्यवस्था और गर्म पानी की समस्या पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
विवाद का एक और बड़ा कारण सौंफ के गिरते दाम भी हैं। बड़वानी प्रदेश की एकमात्र दर्जा प्राप्त सौंफ मंडी है, जहाँ रविवार को बंपर आवक हुई। लेकिन किसानों का आरोप है कि उन्हें उचित भाव नहीं मिल रहा है। जहाँ सौंफ की कीमत 170 से 200 रुपये प्रति किलो अपेक्षित थी, वहीं व्यापारियों द्वारा महज 60 से 120 रुपये के भाव दिए जा रहे हैं। व्यापारी राजेश राठौड़ का कहना है कि गुणवत्ता और बाजार की मांग के आधार पर ही खरीदी की जा रही है, लेकिन सुविधाओं की कमी से इनकार नहीं किया जा सकता।









