Election Commission Seizures 2026 : नई दिल्ली (PIB)। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2026 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनजर प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयोग द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए कुल 408.82 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त की हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
जब्त की गई सामग्रियों का विश्लेषण करें तो चुनावी राज्यों में नशे और मुफ्त उपहारों का बड़ा जाल फैला हुआ है। बरामदगी में सबसे बड़ा हिस्सा 167.38 करोड़ रुपये की ड्रग्स का है, जबकि 163.30 करोड़ रुपये की अन्य मुफ्त वितरण वाली वस्तुएं (फ्रीबीज) पकड़ी गई हैं। इसके अलावा एजेंसियों ने 17.44 करोड़ रुपये नकद, 37.68 करोड़ रुपये की अवैध शराब और 23 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती धातुएं भी जब्त की हैं।
चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने जमीनी स्तर पर भारी अमला तैनात किया है। राज्यों में शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड और अचानक नाकेबंदी के लिए 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) मुस्तैद हैं। आयोग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अवैध गतिविधियों पर तो लगाम लगाएं, लेकिन जांच के दौरान आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या मानसिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां भी सक्रिय कर दी गई हैं।
आयोग की डिजिटल निगरानी प्रणाली भी इस बार बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सी-विजिल (cVigil) ऐप के माध्यम से अब तक 70,944 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से आश्चर्यजनक रूप से 95.8 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा महज 100 मिनट के भीतर कर दिया गया है। पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ‘इलेक्ट्रॉनिक जब्ती प्रबंधन प्रणाली’ (ESMS) के माध्यम से हर छोटी-बड़ी जब्ती की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए हैं कि 2026 के ये चुनाव पूरी तरह से हिंसा-मुक्त और धमकी-मुक्त होने चाहिए। नागरिक किसी भी गड़बड़ी की सूचना सीधे कॉल सेंटर नंबर 1950 पर भी दे सकते हैं। आयोग के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त की जाएगी।











