निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर के चर्चित अग्निकांड मामले में जांच के दौरान बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने कारोबारी परिवार के कई सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें एक अहम जानकारी सामने आई है कि हादसे से पहले घर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार (EV) को चार्जिंग पर लगाया गया था।
EV चार्जिंग पर उठे सवाल
जांच के दौरान हर्षित ने कबूल किया कि उसने रात करीब 11 बजे कार को चार्जिंग पर लगाया था। वहीं सौरभ ने भी इस बात की पुष्टि की है। इन बयानों के बाद अब आशंका जताई जा रही है कि आग लगने की वजह EV चार्जिंग हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी इस पहलू की तकनीकी जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किए बयान
पुलिस ने कारोबारी की पत्नी, उनके तीन बेटों और उनके दोस्तों के बयान दर्ज किए हैं। अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
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8 लोगों की दर्दनाक मौत
गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी बड़ी बहू सिमरन पुगलिया, बिहार से इलाज के लिए आए उनके साले विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका संचेती, राशि, तनय और कार्तिक शामिल हैं।
हर एंगल से जांच
पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग, वायरिंग और अन्य तकनीकी कारणों की गहन जांच की जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद घरों में EV चार्जिंग को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके और सावधानी के बिना चार्जिंग करना जोखिम भरा हो सकता है।











