Saturday, August 22, 2026
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Sukma Rehabilitation Camp : सुकमा: मुख्यधारा में लौटने वालों को मिला सरकारी योजनाओं का ‘कवच’; पुनर्वास केंद्र में सैचुरेशन शिविर, 45 हितग्राही हुए लाभान्वित

Sukma Rehabilitation Camp : दोरनापाल/सुकमा (कृष्णा नायक)। सुकमा जिले में शासन की पुनर्वास नीति को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। बुधवार को दोरनापाल स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र में एक विशेष ‘सैचुरेशन शिविर’ का आयोजन किया गया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर के माध्यम से 45 आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा गया।

सीईओ ने स्वयं लिया जायजा: ‘घर और रोजगार’ पर विशेष ध्यान

जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने स्वयं शिविर स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि समर्पण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पात्रता के अनुसार तत्काल लाभ मिलना चाहिए। शिविर में मुख्य रूप से इन योजनाओं पर काम किया गया:

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): समर्पण कर चुके नक्सलियों के लिए आवास की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत सर्वे किया गया।

  • मनरेगा (MGNREGA): नए जॉब कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि उन्हें गांव में ही नियमित रोजगार मिल सके।

  • स्वच्छ भारत मिशन: शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेजों का संग्रहण किया गया।

  • बिहान योजना: समर्पण करने वाले परिवारों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई।

विश्वास बहाली की दिशा में बड़ा कदम

यह शिविर न केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित था, बल्कि इसका उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों के मन में शासन के प्रति विश्वास जगाना और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।

“प्रशासन का प्रयास है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में आए हैं, उन्हें समाज का हिस्सा बनाया जाए। बुनियादी सुविधाएं मिलने से उनका पुनर्वास आसान और स्थायी होगा।” – मुकुन्द ठाकुर, जिला सीईओ, सुकमा

विकास और पुनर्वास का ‘सुकमा मॉडल’

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस समन्वित पहल से क्षेत्र में विकास और विश्वास दोनों को मजबूती मिल रही है। प्रशासन की इस संवेदनशीलता की स्थानीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नक्सलवाद की कमर तोड़ने और शांति बहाली में सहायक सिद्ध हो रही है।

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