Saturday, August 22, 2026
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Sukma Malnutrition Victory : सुकमा: मौत के मुँह से लौटी ‘अनिता’; पुवर्ती की मासूम ने जीती कुपोषण से जंग, कलेक्टर की संवेदनशीलता ने दी नई जिंदगी

Sukma Malnutrition Victory : सुकमा (कृष्णा नायक)। सुकमा जिले के सुदूर और कभी नक्सलवाद का केंद्र रहे ग्राम पुवर्ती से एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण ने एक गंभीर रूप से कुपोषित बच्ची, अनिता को नया जीवन दिया है। जो बच्ची कभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी, वह आज स्वस्थ होकर अपने गांव लौट चुकी है।

मात्र 2.5 किलो रह गया था वजन

ग्राम पुवर्ती की नन्ही अनिता की स्थिति बेहद नाजुक थी। कुपोषण के कारण उसका वजन घटकर मात्र ढाई किलो के आसपास रह गया था। अत्यंत कमजोरी और मां का दूध न मिल पाने के कारण उसके जीवित रहने की संभावना बेहद कम हो गई थी। दुर्गम इलाका और परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उसे समय पर डॉक्टरी इलाज भी नहीं मिल पा रहा था।

कलेक्टर का दौरा और ‘लाइफ सेविंग’ निर्देश

अनिता के लिए ‘देवदूत’ बनकर सुकमा कलेक्टर अमित कुमार पहुंचे। जगरगुंडा और पुवर्ती क्षेत्र के फील्ड दौरे के दौरान जब कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र पुवर्ती-02 का जायजा लिया, तो उन्हें अनिता की गंभीर स्थिति के बारे में पता चला।

  • त्वरित निर्णय: स्थिति की भयावहता देख कलेक्टर ने प्रोटोकॉल का इंतजार किए बिना तत्काल बीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्ची को जिला अस्पताल शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

  • इलाज की शुरुआत: उसी दिन अनिता को जिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया।

15 दिनों की मेहनत: 2.5 से 5 किलो तक का सफर

जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने अनिता को अपनी विशेष निगरानी में रखा।

  1. गहन देखभाल: लगभग 15 दिनों तक बच्ची को उचित पोषण, नियमित फीडिंग और चिकित्सा सुविधा दी गई।

  2. चमत्कारी सुधार: डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और अनिता का वजन 2.5 किलो से बढ़कर सीधा 5 किलोग्राम हो गया।

  3. घर वापसी: आज अनिता पूरी तरह स्वस्थ है और कुपोषण के खतरे से बाहर निकलकर अपने गृह ग्राम पुवर्ती लौट चुकी है।

प्रशासनिक सफलता का प्रतीक

यह सफलता केवल एक बच्ची की जान बचाना भर नहीं है, बल्कि यह सुकमा के उन दुर्गम क्षेत्रों में बदलते हालातों की तस्वीर है जहाँ कभी पहुंचना भी मुश्किल था। कलेक्टर अमित कुमार के कुशल नेतृत्व में जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को यह एक बड़ी मजबूती प्रदान करता है।

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