Himachal Pradesh News : Himachal Pradesh के सिरमौर जिले में दो सगे भाइयों से शादी करने वाली महिला की प्रेग्नेंसी की खबर के बाद यह अनोखा मामला फिर चर्चा में आ गया है। यह विवाह हट्टी जनजाति की पारंपरिक ‘बहुपति प्रथा’ के तहत हुआ था, जो पुराने समय में प्रचलित रही है, हालांकि अब ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं।
Himachal Pradesh News : प्रदीप और कपिल नेगी की पत्नी सुनीता के गर्भवती होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बच्चे के पिता के रूप में किसका नाम दर्ज होगा। इस तरह की पारंपरिक व्यवस्था में भले ही सभी भाइयों को बराबर माना जाता हो, लेकिन कानूनी रूप से स्थिति अलग होती है।
Himachal Pradesh News : भारत में Hindu Marriage Act और Special Marriage Act के तहत बहुपति या बहुपत्नी विवाह को मान्यता नहीं है। ऐसे में आधिकारिक दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड में आमतौर पर बड़े भाई का नाम ही पति और बच्चे के पिता के रूप में दर्ज किया जाता है, चाहे जैविक पिता कोई भी हो।
Himachal Pradesh News : इस प्रथा के ऐतिहासिक पहलुओं पर Yashwant Singh Parmar ने अपने शोध में विस्तार से लिखा है। उनके अनुसार, यह परंपरा मुख्य रूप से संपत्ति के बंटवारे को रोकने और परिवार को एकजुट रखने के उद्देश्य से अपनाई जाती थी।
Himachal Pradesh News : परिवारिक व्यवस्था में पत्नी को यह अधिकार होता है कि वह किस समय किस पति के साथ रहेगी। पारंपरिक संकेतों के जरिए यह तय किया जाता है, और सामान्य तौर पर सभी भाइयों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाती है।
Himachal Pradesh News : इस मामले में भी शादी के बाद कुछ समय तक दोनों भाई साथ रहे, लेकिन बाद में कपिल विदेश चले गए, जबकि प्रदीप भारत में ही कार्यरत हैं। हाल ही में दंपति ने सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार में नए सदस्य के आने की जानकारी साझा की, जिसके बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। यह घटना एक ओर पारंपरिक प्रथाओं की झलक दिखाती है, तो दूसरी ओर आधुनिक कानून और सामाजिक ढांचे के बीच के अंतर को भी उजागर करती है।











