कोरोना योद्धा राजीव उपाध्याय को न्याय : हाईकोर्ट ने सरकार को मुआवजा देने का दिया आदेश…

Parivesh
जबलपुर

जबलपुर। कोरोना महामारी के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जान गंवाने वाले कोरोना योद्धा राजीव उपाध्याय को न्याय मिला है। जबलपुर कलेक्ट्रेट में ग्रेड-3 पद पर कार्यरत राजीव उपाध्याय महामारी के समय बसों और एम्बुलेंस की व्यवस्था में लगे थे और 10 जुलाई 2020 को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

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उनकी पत्नी अंजु मूर्ति उपाध्याय ने कोविड योद्धा कल्याण योजना के तहत मुआवजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। सरकार का तर्क था कि मृत्यु का कारण हार्ट अटैक था, न कि कोविड संक्रमण या उससे जुड़ी दुर्घटना।

इस फैसले को चुनौती देते हुए अंजु उपाध्याय ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस नंदिता दुबे की एकलपीठ ने सभी तथ्यों की जांच के बाद पाया कि राजीव उपाध्याय कोविड योद्धा के रूप में कार्यरत थे। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि 90 दिनों के भीतर योजना के तहत मुआवजा राशि प्रदान की जाए।

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यह निर्णय न केवल अंजु उपाध्याय के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उन सभी कोरोना योद्धाओं के लिए भी मिसाल बन गया है, जिन्होंने संकट के समय देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया।

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