रीवा [Nishanebaaz News]। Rewa Collectorate Jansunwai Land Dispute के तहत रीवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में उस वक्त प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए, जब एक बेबस महिला न्याय की आस में रोती-बिलखती अपनी फरियाद लेकर पहुंची। पीड़िता ने गढ़ गांव के सरपंच, सचिव और पटवारी पर मिलीभगत कर उसका पुश्तैनी मकान जबरन ढहाने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि जिस मकान पर अचानक बुलडोजर चलाकर तोड़फोड़ की गई, वहां उसका परिवार कई पीढ़ियों से रहता आ रहा था और उनके पास जमीन का वैध पट्टा भी मौजूद है।
रीवा: जनसुनवाई में बिलखती पहुंची महिला ने सरपंच-पटवारी पर लगाया पुश्तैनी घर तुड़वाने का आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश।#Rewa #MPNews #Jansunwai pic.twitter.com/nzoO54fEIP
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 25, 2026
अचानक पहुंचे सरपंच-पटवारी, 3 से 4 परिवार हुए सड़क पर
गढ़ निवासी पीड़िता ने कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया और अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गांव के सरपंच, सचिव और हलका पटवारी अचानक पुलिस और दलबल के साथ उसके घर पहुंचे और बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस आधार के मकान ढहा दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से केवल उसका ही नहीं, बल्कि एक ही परिसर में रहने वाले 3 से 4 अन्य परिवारों का आशियाना भी पूरी तरह तबाही की कगार पर पहुंच गया है। सिर छुपाने की जगह न बचने के कारण पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
“हमारे पास पुश्तैनी पट्टा, फिर भी कर दी बेघर”
पीड़ित महिला ने बताया कि उसके ससुराल वाले कई पुश्तों से उसी जमीन पर काबिज रहकर अपना जीवन-यापन कर रहे थे। भूमि से जुड़े वैध शासकीय पट्टे के दस्तावेज होने के बावजूद स्थानीय प्रशासनिक अमले ने रसूखदारों के दबाव में आकर उनका आशियाना जमींदोज कर दिया। रहने का कोई ठिकाना न बचने पर पीड़िता न्याय की अंतिम उम्मीद लेकर रीवा कलेक्ट्रेट पहुंची और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने दिया जांच और घर बनवाने का भरोसा
जनसुनवाई में पीड़िता की दर्दभरी दास्तान सुनने और दस्तावेज देखने के बाद रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने पीड़िता को ढांढस बंधाते हुए आश्वस्त किया कि इस पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवार के तात्कालिक रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और जांच के उपरांत पीड़िता को पुनः मकान बनवाने में शासन के नियमों के तहत हर संभव मदद प्रदान की जाए।





