AIIMS Bhopal Controversy : भोपाल: राजधानी स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल परिसर में रोजा इफ्तार के आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उस स्थान का गंगाजल से प्रतीकात्मक ‘शुद्धिकरण’ किया। संगठन का आरोप है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक परिसर में इस तरह की धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देना अनुचित है। शुद्धिकरण के पश्चात कार्यकर्ताओं ने परिसर के बाहर हिंदू समाज के साथ मिलकर जन-जागरण के उद्देश्य से सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के पदाधिकारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन ने मांग की है कि जिस अधिकारी (एचडीओ) ने अस्पताल परिसर के भीतर इस आयोजन की अनुमति दी थी, उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अस्पताल परिसर के भीतर इस तरह की किसी भी गैर-चिकित्सकीय या विशेष धार्मिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका तर्क है कि अस्पताल सभी के लिए है और यहाँ की गरिमा व निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई बड़े पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रांत संयोजक अवधेश तिवारी और प्रांत सह संयोजक लोकेंद्र मालवीय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक संस्थानों का उपयोग धार्मिक आयोजनों के लिए करना एक गलत परंपरा की शुरुआत है, जिसे रोकने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
विरोध प्रदर्शन में विभाग संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत, जिला मंत्री कमल, जिला मंत्री मोहित सोनी, जिला सह-मंत्री प्रशांत पटेल और जिला संयोजक रोहित श्रीवास सहित विद्यार्थी प्रमुख पुष्पराज एवं प्रखंड व खंड इकाई के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बजरंग दल ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। फिलहाल, एम्स प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।











