ईरान-इजरायल युद्ध का असर खेल जगत पर, सऊदी और बहरीन की फॉर्मूला 1 रेस स्थगित

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नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष का असर अब खेल जगत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए फॉर्मूला 1 प्रबंधन और उसकी शासी संस्था FIA ने अप्रैल में सऊदी अरब और बहरीन में प्रस्तावित दो बड़ी रेसों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय क्षेत्र में बढ़ते सैन्य हमलों और अस्थिर हालात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सुरक्षा कारणों से लिया गया अहम निर्णय

F1 और फेडरेशन इंटरनेशनल डी ल’ऑटोमोबाइल (FIA) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का आयोजन करना संभव नहीं है।

आयोजकों के अनुसार ड्राइवरों, टीम के सदस्यों और दर्शकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण फिलहाल दोनों रेसों को रद्द या स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

अप्रैल में होनी थीं दोनों प्रमुख रेस

फॉर्मूला 1 कैलेंडर के अनुसार 12 अप्रैल को बहरीन ग्रां प्रिक्स आयोजित होना था, जबकि इसके बाद 19 अप्रैल को जेद्दा में सऊदी अरब ग्रां प्रिक्स का आयोजन प्रस्तावित था।

F1 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेफानो डोमेनिकाली ने कहा कि यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा के लिए यह जरूरी कदम था।

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आयोजक देशों ने भी किया समर्थन

सऊदी अरब और बहरीन में रेस आयोजित कराने वाली स्थानीय कंपनियों और प्रशासन ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। FIA के अध्यक्ष मोहम्मद बेन सुलायम ने कहा कि बहरीन और सऊदी अरब फॉर्मूला 1 सीजन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं और हालात सामान्य होने के बाद ही वहां रेस दोबारा आयोजित करने पर विचार किया जाएगा।

मध्य पूर्व में बढ़ते हमलों से बढ़ी चिंता

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के दौरान ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं लगातार सामने रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे माहौल में लाखों दर्शकों और बड़ी टीमों की मौजूदगी वाले खेल आयोजन कराना जोखिम भरा हो सकता है।

भविष्य की तारीखों पर अनिश्चितता

फॉर्मूला 1 प्रबंधन ने फिलहाल इन दोनों रेसों की नई तारीखों की घोषणा नहीं की हैविशेषज्ञों के अनुसार पहले से व्यस्त रेसिंग कैलेंडर में इन आयोजनों के लिए नई तारीख तय करना भी एक बड़ी चुनौती होगी।

खेल विश्लेषकों का कहना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर भी इसका असर पड़ सकता है

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