निशानेबाज न्यूज़ डेस्क। छत्तीसगढ़ में हाल ही में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अवैध अफीम की खेती के मामलों का खुलासा होने के बाद राज्य सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अपने-अपने जिलों में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट और प्रमाण-पत्र के साथ सरकार को जानकारी सौंपी जाए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदेश में कहीं भी अवैध अफीम की खेती न हो रही हो।
कलेक्टरों को सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में अफीम की खेती की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण कराना होगा।सर्वे के बाद यह प्रमाणित करना होगा कि जिले में कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती नहीं की जा रही है।
Read More : C.G Weather : छत्तीसगढ़ में मौसम बदलेगा करवट! बस्तर में तीन दिन बारिश का अलर्ट, गर्मी से मिल सकती है राहत
भू-अभिलेख आयुक्त ने भेजे निर्देश
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने भी सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।जिला प्रशासन को जल्द से जल्द सर्वे पूरा कर अफीम की खेती न होने का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
दुर्ग और बलरामपुर मामलों से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इन मामलों ने यह संकेत दिया है कि कुछ क्षेत्रों में चोरी-छिपे मादक पदार्थों की खेती की जा रही है।इसी वजह से सरकार ने पूरे राज्य में सख्त निगरानी का निर्णय लिया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी भी जिले में अवैध अफीम खेती या नशीले पदार्थों का उत्पादन पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना और युवाओं को इसके दुष्प्रभाव से बचाना है।











