निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। सर्वर डाउन होने के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित कई शहरों में ऑनलाइन गैस बुकिंग लगभग ठप हो गई है।
स्थिति यह है कि उपभोक्ता सिलेंडर बुक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सर्वर पर अत्यधिक दबाव के कारण बुकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कई जगह सिलेंडर की वेटिंग 7 से 8 दिनों तक पहुंच गई है।
एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें
ऑनलाइन बुकिंग प्रभावित होने के कारण लोग सीधे गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे वहां सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही, जिसके कारण लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
बाजार में बढ़ी इंडक्शन कुकर की मांग
गैस की कमी का असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है। कई लोग खाना बनाने के लिए इंडक्शन कुकर और अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।राजधानी भोपाल में इंडक्शन कुकर की बिक्री अचानक कई गुना बढ़ गई है। वहीं प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट में भी गैस खत्म होने की आशंका से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने दी सफाई
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में घरेलू रसोई गैस, पाइपलाइन गैस और वाहन गैस की कोई कमी नहीं है।उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
कच्चे तेल की आपूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों का भी उपयोग किया जा रहा है।देश की रिफाइनरियां फिलहाल उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे एलपीजी उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।











