Wednesday, September 2, 2026
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Raipur News : 8 साल से अधूरे रायपुर स्काईवॉक को मिलेगी नई रफ्तार, ढांचे की जांच के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य

Raipur News
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रायपुर। Raipur News : राजधानी के बहुचर्चित और लंबे समय से अधूरे पड़े स्काईवॉक (फुट ओवरब्रिज) प्रोजेक्ट को आखिरकार नई जान मिलने जा रही है। शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक और अंबेडकर अस्पताल चौक तक बनने वाले इस स्काईवॉक का निर्माण कार्य एक बार फिर शुरू हो गया है। रविवार को निर्माण एजेंसी के इंजीनियर और कर्मचारी सीढ़ियों की मदद से अधूरे ढांचे पर चढ़े और पूरे स्ट्रक्चर का मुआयना किया। इस प्रोजेक्ट को रायपुर की पीएसएए कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने हाथ में लिया है और प्रारंभिक अनुबंध के बाद निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।

Raipur News : ढांचे की स्थिति को लेकर जांच

8 वर्षों तक अधूरा रहने के कारण स्काईवॉक का ढांचा काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुका है। विशेष रूप से खुले में रखे गए लोहे के गर्डर और वेल्डिंग वाले हिस्सों में जंग लगने के संकेत मिले हैं। मुख्य अभियंता द्वारा गठित तकनीकी समिति ने स्काईवॉक का निरीक्षण कर रिपोर्ट दी है, जिसमें ढांचे की अधिकांश स्थिति संतोषजनक बताई गई है। हालांकि कुछ हिस्सों में नट-बोल्ट और वेल्डिंग जोड़ों में जंग की शिकायत है, जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब तक 50 करोड़ खर्च, 37.75 करोड़ और लगेंगे

जानकारी के मुताबिक, स्काईवॉक का 60% कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जिस पर लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब शेष 40% कार्य के लिए अतिरिक्त 37.75 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। सबसे पहले शास्त्री चौक पर रोटरी और फिनिशिंग कार्य, एस्केलेटर, लिफ्ट, छतों की शीटिंग, लाइटिंग और केबलिंग का काम किया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग ने सख्त निर्देश दिए

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ठेकेदार को तय समय सीमा में स्काईवॉक का कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुराने डिजाइन को ही उपयोग में लेते हुए, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के तहत कार्य संपादित किया जाएगा। सभी नॉन एसओआर मदों के लिए दर विश्लेषण और अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है।

भिलाई में भी स्काईवॉक निर्माण को मिली रफ्तार

रायपुर के साथ-साथ भिलाई में भी स्काईवॉक प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया गया है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि वर्षों से अधूरी इन योजनाओं को अब जल्द ही राजधानी और अन्य शहरों के लोग उपयोग में ला सकेंगे।

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