निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के बड़वानी शहर में शीतला सप्तमी के अवसर पर माता शीतला के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचीं।दर्जी मोहल्ले स्थित शीतला माता मंदिर में महिलाएं सजाई हुई थालियों में ठंडा भोजन लेकर पहुंचीं और विधि-विधान से माता की पूजा की।
माता को ठंडा भोजन का लगाया भोग
शीतला सप्तमी के दिन विशेष परंपरा के तहत श्रद्धालु एक दिन पहले बनाया गया ठंडा भोजन माता शीतला को अर्पित करते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए महिलाओं ने ठंडे भोजन और अन्य पूजन सामग्री के साथ माता को भोग लगाया।पूजन के बाद महिलाओं ने मंदिर परिसर में बैठकर बूढ़ी माता की कथा भी सुनी और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की।
रात से ही शुरू हो गया था दर्शन का सिलसिला
मंदिर समिति के अनुसार शीतला सप्तमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का आना देर रात से ही शुरू हो गया था। सोमवार रात 12 बजे के बाद से ही महिलाएं दर्शन और पूजा के लिए मंदिर पहुंचने लगी थीं।सुबह होते-होते मंदिर परिसर में लंबी कतारें लग गईं।
मंदिर से एमजी रोड तक लगी कतार
पूजन और दर्शन के लिए मंदिर से लेकर एमजी रोड तक महिलाओं की लंबी कतार देखी गई। मंदिर परिसर के अंदर भी तीन से चार कतारों में महिलाएं खड़ी नजर आईं।मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसादी भी वितरित की गई।
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शीतला माता का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला को चेचक रोग की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। उन्हें रोगों से मुक्ति दिलाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।इसी वजह से चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी को शीतला सप्तमी के रूप में श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाता है। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और महिलाएं एक दिन पहले तैयार किया गया ठंडा भोजन ही ग्रहण करती हैं।











