निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इन डॉक्टरों ने पांच बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखी थी।गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों में डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एस.एस. ठाकुर शामिल हैं। दोनों को पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया।
प्रिस्क्रिप्शन से मिली पुष्टि
SIT को जांच के दौरान दोनों डॉक्टरों की लिखी हुई दवाइयों की पर्चियां मिली हैं। इन पर्चियों में बच्चों के इलाज के दौरान कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखे जाने की पुष्टि हुई है।
जांच एजेंसी के अनुसार इन दस्तावेजों के आधार पर ही दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
डॉ. अमन सिद्दीकी पर क्या आरोप
डॉ. अमन सिद्दीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मोरडोंगरी में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार वे ड्यूटी के बाद परासिया में पारस मेडिकल स्टोर के पास निजी क्लीनिक भी संचालित करते थे।
जांच में सामने आया कि उन्होंने बच्चों के इलाज के दौरान कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखी थी। SIT को उनकी प्रिस्क्रिप्शन पर्चियां भी मिली हैं। बताया जा रहा है कि डॉ. प्रवीण सोनी की गिरफ्तारी के बाद से ही वे सरकारी ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे थे।
शिशु रोग विशेषज्ञ भी गिरफ्तार
इस मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. ठाकुर को भी गिरफ्तार किया गया है। वे परासिया में प्रैक्टिस कर रहे थे।
जांच के दौरान उनके इलाज से जुड़े दस्तावेज और पर्चियां मिलीं, जिनमें बच्चों के लिए कोल्ड्रिफ कफ सिरप प्रिस्क्राइब करने के प्रमाण मिले हैं।
सप्लाई चेन की जांच जारी
SIT अब दवा की सप्लाई चेन, डॉक्टरों की भूमिका और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था। टीम पिछले छह महीनों से दवा की सप्लाई, डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही थी।











