Bhopal Municipal Corporation Protest : भोपाल (09 फरवरी 2026): राजधानी भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई, बदहाल सीवेज सिस्टम और हाल ही में भारी मात्रा में मिले गौ मांस को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। इन गंभीर मुद्दों पर नगर निगम प्रशासन की घेराबंदी करते हुए सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम मुख्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व गोविंदपुरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रविंद्र साहू ‘झूमर वाला’ और पूर्व जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना ने किया।
इंदौर की घटना की पुनरावृत्ति का डर
कांग्रेस नेताओं ने इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई मौतों का जिक्र करते हुए प्रशासन को आगाह किया। उन्होंने कहा कि भोपाल की जनता लंबे समय से गंदा पानी पीने को मजबूर है। यदि समय रहते नगर निगम ने जल शोधन और पाइपलाइन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया, तो इंदौर जैसी जानलेवा त्रासदी भोपाल में भी हो सकती है।
गौ मांस को लेकर महापौर पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान 26 टन गौ मांस मिलने के मामले ने सबसे ज्यादा तूल पकड़ा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि “भोपाल महापौर की जानकारी में स्लॉटर हाउस के भीतर गौ वंश काटे जा रहे थे।” उन्होंने इसे प्रशासनिक तंत्र की बड़ी विफलता और आस्था के साथ खिलवाड़ बताया। कांग्रेस का आरोप है कि अवैध कटान पर निगम की चुप्पी मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
सीवेज और गंदगी से जनता बेहाल
घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रविंद्र साहू ने कहा कि शहर की कई कॉलोनियों में सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी की लाइन में मिल रहा है। शिकायत के बावजूद नगर निगम के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
पूर्व जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना ने स्पष्ट किया कि यह केवल सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जनता को शुद्ध पानी की गारंटी नहीं मिलती और गौ मांस मामले के असली दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।










