निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान में हुए हमले और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कई चौंकाने वाले दावे सामने आ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। दावा किया गया है कि खामेनेई की लोकेशन ट्रेस करने के लिए तेहरान में लगे CCTV कैमरों तक को हैक किया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर 2023 में इजराइल पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान में खुफिया गतिविधियां तेज कर दी थीं। इसके बाद CIA ने जमीनी स्तर पर अपनी निगरानी मजबूत की।
अरबों डॉलर का खर्च
एक विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच अमेरिका ने ईरान में खुफिया ऑपरेशन और संबंधित गतिविधियों पर करीब 2.5 बिलियन डॉलर खर्च किए। इसके अलावा इजराइल को 21.7 बिलियन डॉलर का सैन्य पैकेज दिया गया।
मध्य पूर्व में ऑपरेशन के लिए 12.7 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त फंड भी रखा गया था। हालांकि अक्टूबर 2025 के बाद ईरान ऑपरेशन पर हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
‘रडार’ पर थे खामेनेई
बताया जा रहा है कि अयातुल्ला खामेनेई लंबे समय से अमेरिकी एजेंसियों की निगरानी में थे। पूर्व CIA एजेंट जॉन किरियाकू ने भी संकेत दिए थे कि ईरान को लेकर बड़ा ऑपरेशन संभव है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुफिया एजेंसियों की सराहना करते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया। इजराइली मीडिया में यह दावा भी सामने आया कि ऑपरेशन के बाद ट्रंप और नेतन्याहू को खामेनेई का शव दिखाया गया।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि इन दावों पर अमेरिकी या ईरानी सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। CIA बजट को लेकर भी उप निदेशक मैरी मार्गरेट ग्राहम ने कुल बजट का उल्लेख किया, लेकिन ईरान ऑपरेशन के लिए विशेष राशि का खुलासा नहीं किया।मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच यह मामला वैश्विक राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर नई बहस को जन्म दे रहा है।











