Shajapur NHM Protest: नितिन परमार\ शाजापुर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिला अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
Shajapur NHM Protest: हड़ताल के चलते जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई विभागों में कामकाज प्रभावित होने से उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखा जा रहा है।
Shajapur NHM Protest: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिली हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
Shajapur NHM Protest: प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को टीटी नगर दशहरा मैदान में किए गए नियमितीकरण संबंधी घोषणा को लागू करने की मांग की है। इसके अलावा एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमित कर्मचारियों जैसी अवकाश सुविधाएं देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।
Shajapur NHM Protest: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, सामान्य प्रशासन विभाग की नीति के अनुसार एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में सुधार और नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं शामिल हैं।
Shajapur NHM Protest: कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।
Shajapur NHM Protest: हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में मरीजों को जांच, पंजीयन और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अब सभी की नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की आगामी रणनीति पर टिकी हुई है।









