Sagar Dam Protest: मुकुल शुक्ला\ सागर। जिले के केसली ब्लॉक के ग्राम पठाखुर्द में निर्माणाधीन अमृत सरोवर (बांध) का काम वर्षों से अधूरा पड़े रहने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और बांध निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। लगभग 10 घंटे तक चले जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
Sagar Dam Protest: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए जा रहे बांध का निर्माण कार्य ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण वर्षों से अधूरा पड़ा है। बताया गया कि इस परियोजना को 18 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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Sagar Dam Protest: प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ठेकेदार सतीश पांडेय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार जानबूझकर निर्माण कार्य में देरी कर रहा है और शिकायत करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बांध का निर्माण कार्य पूरा होते देखना चाहते हैं।
Sagar Dam Protest: स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब शाम करीब 4 बजे विभाग के सहायक यंत्री (एई) मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और जल्द से जल्द बांध निर्माण पूरा कराने की मांग की। कुछ ग्रामीण तो एई के पैरों में गिरकर बांध निर्माण पूरा कराने की गुहार लगाने लगे। लेकिन जब एई ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए शेष निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा होने की बात कही, तो ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।
Sagar Dam Protest: नाराज ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप एई को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की। हालांकि एई ने हाथ छुड़ाकर खुद को बचाया। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला स्थिति को संभालने का प्रयास करता रहा, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
Sagar Dam Protest: शाम करीब 5 बजे एसडीएम भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि शुरुआत में बातचीत बेनतीजा रही। ग्रामीण ठेकेदार से सार्वजनिक माफी और बांध निर्माण जल्द पूरा कराने की लिखित गारंटी की मांग पर अड़े रहे।
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Sagar Dam Protest: काफी देर तक चली चर्चा और समझाइश के बाद प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि बांध निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने करीब 10 घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।
Sagar Dam Protest: ग्रामीणों का कहना है कि यदि तय समय में बांध निर्माण पूरा नहीं हुआ तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की प्रगति पर निगरानी रखने की बात कही है।









