CG NEWS :रामकुमार भारद्वाज/कोंडागांव :- कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़े बेंदरी में प्रथम बार बंजारा समाज के धर्म गुरु संत शिरोमणि सेवालाल जी महाराज के मंदिर का निर्माण पूर्ण कर भव्य उद्घाटन एवं मूर्ति स्थापना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संत सेवालाल जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर मूर्ति स्थापना की गई तथा मंदिर का विधि-विधान से उद्घाटन किया गया। आयोजन स्थल पर भक्ति भाव का वातावरण रहा, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों को सशक्त करने हेतु प्रतिबद्ध है। संत सेवालाल मंदिर का निर्माण बंजारा समाज सहित समस्त क्षेत्र के लिए आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के अंत में बंजारा समाज के जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, समेत ग्रामवासियों एवं आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया तथा क्षेत्र के विकास और सद्भाव के लिए मंगलकामनाएं की गईं।
_ये रहे मौजूद
मुख्यअतिथी सुश्री लता उसेंडी, विरिष्ट अतिथि, नन्दलाल राठौर, मोहन भारद्वाज संभागीय अध्यक्ष, सुखिया राम चौहान जिलाध्यक्ष बजारा समाज, शभुनेश्वर राठौर, जिला सचिव बंजारा समाज, अध्यक्षता हीराराम राठौर, सदस्य आनन्द पवार, सकरू भारद्वाज, पुरनलाल भारद्वाज, सुखदेव भारद्वाज, बृजलाल राठौर, रतनु भारद्वाज, खेदू राम, सातु चौहान, रेवा राम राठौर समेत बंजारा सामाजिक बंधु व अन्य उपस्थित रहे।
_ बंजारा समाज का जिले में पहला मंदिर _ जिलाध्यक्ष
कोंडागांव बंजारा समाज के जिला अध्यक्ष सुखियाराम चौहान ने बताया कि बंजारा समाज द्वारा अपने आराध्य एवं धर्मगुरु संत सेवालाल महाराज का कोंडागांव जिले के बड़ेबेंदरी में पहला मंदिर निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कोंडागांव जिले में दो स्थानों पर सेवालाल चौक की स्थापना की गई थी, लेकिन यह पहला अवसर है जब जिले में उनके नाम से भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। जिला अध्यक्ष चौहान ने इसे समस्त बंजारा समाज के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि यह मंदिर समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने समाज के सभी लोगों से मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।











