निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों की जांच के दायरे में था। कोर्ट ने सीबीआई से जुड़े केस में फैसला सुनाते हुए सभी को राहत दी।
नई शराब नीति: कैसे शुरू हुआ विवाद?
दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति 2020 में तैयार की थी, जिसे 17 नवंबर 2021 से लागू किया गया। उस समय अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री और मनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री थे। उत्पाद शुल्क विभाग सिसोदिया के पास था।
2022 में उठा विवाद
8 जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव ने एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में लाइसेंसधारकों को लाभ पहुंचाने और करीब 580 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया गया। इसके बाद मामला राजनीतिक और कानूनी विवाद में बदल गया।
इसके बाद-
- 22 जुलाई 2022 को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
- 30 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई नीति वापस लेने का फैसला किया।
- 17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की।
गिरफ्तारियां और जमानत
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26 फरवरी 2023: मनीष सिसोदिया की सीबीआई ने गिरफ्तारी की।
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9 मार्च 2023: ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार किया।
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9 अगस्त 2024: सिसोदिया को जमानत मिली।
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4 अक्टूबर 2023: संजय सिंह गिरफ्तार।
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2 अप्रैल 2024: संजय सिंह को जमानत।
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21 मार्च 2024: अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी।
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13 सितंबर 2024: केजरीवाल को जमानत मिली।
कोर्ट का अंतिम फैसला
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई से जुड़े मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत के फैसले के साथ ही 2022-23 से चल रहा यह बहुचर्चित मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया।इस फैसले ने दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय खोल दिया है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकते हैं।











