निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए 120 आत्मसमर्पित नक्सली राजधानी रायपुर पहुंचे हैं। मुख्यधारा में लौटने के बाद यह उनका पहला रायपुर दौरा है। बताया गया कि ये सभी पूर्व नक्सली एक दिन पहले गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ डिनर कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। आज वे विधानसभा में बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से देखेंगे।
लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक पहल
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह इतिहास में पहली बार है जब पुनर्वासित पूर्व नक्सलियों को सदन की कार्यवाही देखने का अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने कभी भारतीय संविधान को नहीं माना, आज वे लोकतंत्र के मंदिर में बैठकर उसकी प्रक्रिया को समझेंगे। यह बदलाव की बड़ी मिसाल है।”
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पूर्व नक्सलियों को उनके निवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया गया था और रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि अब ये सभी समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं और लोकतंत्र के साथ खड़े हैं।
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होली से पहले किसानों को बड़ी राहत
गृहमंत्री ने जानकारी दी कि होली से पहले 24 लाख किसानों के खातों में 10 हजार करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह भुगतान किसानों को किया जाएगा, जिससे उन्हें त्योहार से पहले आर्थिक सहारा मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
सदन में जवाब नहीं देने के आरोपों पर विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कस्टोडियल डेथ की संख्या 66 है, जबकि पूर्व सरकार के समय यह आंकड़ा 70 से 90 तक पहुंचता था।
नव्या मलिक के मामले में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिनके खिलाफ एक से अधिक बार एफआईआर दर्ज होती है, उन्हें अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर माना जाता है। नव्या मलिक का नाम एक ही बार दर्ज होने के कारण सूची में शामिल नहीं किया गया।
गृहमंत्री ने कहा कि सदन के भीतर और बाहर अलग-अलग बयान देना जनता को भ्रमित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि कोयला, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े सवालों पर सरकार जवाब देने को तैयार है।इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा की कार्यवाही को और अधिक राजनीतिक और ऐतिहासिक बना दिया है।











