निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: कार खरीदना एक बड़ा निवेश है, लेकिन उसे सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सामान्य कार बीमा पॉलिसी नुकसान की भरपाई तो करती है, लेकिन क्लेम के समय गाड़ी के पार्ट्स की घटी हुई कीमत यानी डेप्रिसिएशन काट लेती है। ऐसे में मालिक को कुछ रकम अपनी जेब से देनी पड़ती है। यहीं पर Zero Depreciation Car Insurance काम आता है।
क्या है जीरो डेप्रिसिएशन कवर?
Zero Depreciation (Zero Dep) कवर एक ऐड-ऑन सुविधा है, जिसमें बीमा कंपनी क्लेम के समय पार्ट्स की डेप्रिसिएशन नहीं काटती।
उदाहरण के लिए, अगर आपकी कार का बंपर बदलने में ₹10,000 का खर्च आता है, तो सामान्य बीमा पॉलिसी डेप्रिसिएशन काटकर आपको करीब ₹6,000 दे सकती है। लेकिन Zero Dep कवर के तहत पूरी ₹10,000 की राशि मिल सकती है। यह सुविधा खासकर प्लास्टिक, रबर, फाइबर और मेटल पार्ट्स पर लागू होती है।
Zero Dep Insurance के फायदे
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क्लेम के समय डेप्रिसिएशन की कटौती नहीं
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रिपेयर खर्च में खुद से कम भुगतान
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नई और महंगी कारों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
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बंपर, शीशे और प्लास्टिक पार्ट्स पर पूरा भुगतान
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पहली बार कार लेने वालों के लिए बेहतर सुरक्षा
Zero Dep Insurance की कमियां
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प्रीमियम सामान्य पॉलिसी से 15-20% ज्यादा
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आमतौर पर 5 साल से पुरानी कारों को कवर नहीं
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कई कंपनियां साल में सीमित (अक्सर 2) क्लेम ही देती हैं
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इंजन में पानी या ऑयल लीक जैसी कुछ स्थितियां कवर नहीं
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सामान्य घिसावट और मैकेनिकल खराबी शामिल नहीं
अगर आपकी कार पुरानी है और उसकी बाजार कीमत कम हो चुकी है, तो अतिरिक्त प्रीमियम देना फायदेमंद नहीं हो सकता।
किन लोगों के लिए सही है यह कवर?
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नई कार खरीदने वाले ग्राहक
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लग्जरी और महंगी कार के मालिक
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रोजाना ज्यादा ड्राइव करने वाले लोग
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भीड़भाड़ वाले शहरों में गाड़ी चलाने वाले
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पहली बार कार खरीदने वाले
वहीं, जिनकी कार 5 साल से ज्यादा पुरानी है या कम इस्तेमाल होती है, उनके लिए सामान्य बीमा पॉलिसी पर्याप्त हो सकती है।
Zero Depreciation Car Insurance उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो क्लेम के समय पूरी सुरक्षा चाहते हैं और अतिरिक्त प्रीमियम देने को तैयार हैं। हालांकि, पॉलिसी लेने से पहले शर्तें और नियम ध्यान से पढ़ना जरूरी है, ताकि बाद में कोई भ्रम न रहे।











