छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रचंड कहर, अप्रैल में ही जून जैसी तपिश

Rahul Goshwami

छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के ऊपर एंटी-साइक्लोन का प्रभाव तेजी से सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

24 घंटे में तेज उछाल, बढ़ेगा तापमान
बीते 24 घंटों में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह बढ़ोतरी जारी रह सकती है और तापमान 44 डिग्री के पार भी पहुंच सकता है। इस स्थिति से विशेष रूप से मैदानी और शहरी इलाकों में ज्यादा परेशानी देखने को मिल सकती है।
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लू का खतरा, सावधानी बेहद जरूरी
बढ़ती गर्मी के बीच हीटवेव यानी लू का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

शुष्क मौसम, बारिश के आसार नहीं
प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है, जिससे बारिश या ठंडक मिलने की संभावना नजर नहीं आ रही है। साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण सूर्य की तीव्रता सीधे धरातल पर पड़ रही है, जिससे तापमान और तेजी से बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य पर असर, बढ़ सकती हैं समस्याएं
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की भीषण गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को हल्के कपड़े पहनने, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने और खुद को ठंडा रखने की सलाह दी जा रही है।


छत्तीसगढ़ में अप्रैल महीने में ही जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। एंटी-साइक्लोन के प्रभाव से बढ़ती यह तपिश आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहना और जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद आवश्यक है।

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