PM Modi Letter West Bengal Election 2026 : नई दिल्ली/कोलकाता (23 फरवरी 2026): पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल फूंकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के नागरिकों के नाम एक विस्तृत पत्र जारी किया है। जय मां काली के उद्घोष के साथ शुरू हुए इस पत्र में पीएम ने बंगाल की वर्तमान जर्जर स्थिति पर दुख व्यक्त किया है और राज्य के भविष्य को संवारने के लिए एक स्पष्ट खाका पेश किया है।
अवैध घुसपैठ और तुष्टीकरण पर हमला प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले छह दशकों के कुशासन और तुष्टीकरण की राजनीति ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा, “मेरा पश्चिम बंगाल अवैध घुसपैठ से मुक्त होकर सुशासन की राह पर आगे बढ़े, यह मेरा संकल्प है।” उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्य में व्याप्त अराजकता और ‘नकली वोटरों’ के बोलबाले पर भी गहरी चिंता जताई।
CAA के जरिए शरणार्थियों को नागरिकता का वादा प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक हिंसा के शिकार हमारे शरणार्थी भाई-बहनों को CAA के माध्यम से उनका अधिकार और नागरिकता दिलाना केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता है। यह संदेश मतुआ समुदाय और सीमावर्ती इलाकों के शरणार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोजगार का अभाव और पलायन का दर्द युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने लिखा कि बंगाल जो कभी औद्योगिक केंद्र था, आज वहां के बच्चों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार आने पर बंगाल की सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा ताकि युवाओं को अपनी ही धरती पर अवसर मिलें।
महिला सुरक्षा और केंद्र की योजनाएं संदेशखाली जैसी घटनाओं की पृष्ठभूमि में पीएम ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि बंगाल की माताएं-बहनें आज असुरक्षित महसूस करती हैं, जिसे बदलना अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की योजनाओं— उज्ज्वला, जन-धन, आयुष्मान भारत और पीएम-किसान का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
2026 के लिए ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ की शपथ पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने महापुरुषों— नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए जनता से अपील की। उन्होंने कहा, “2026 में विकसित पश्चिम बंगाल बनाने की शपथ लें। अब समय आ गया है कि बंगाल फिर से देश का नेतृत्व करे।”











